डॉ अम्बेडकर समानता और स्वतंत्रता के थे मसीहा …..

कनाडा। कनाडा मे चल रहे 6 दिवसीय अंतराष्ट्रीय संगोष्ठी मे भारत सहित अन्य देशो से आये वक्ताओं ने डा.अम्बेडकर के महान विचारों व उनके आदर्शो पर चल कर एक बेहतर समाज की परिकल्पना को साकार करने का मंत्र बताया। अम्बेडकर के समानता के सिद्धांत पर बोलते हुए वक्ताओ ने कहा की डॉ. अंबेडकर भारतीय अर्थव्यवस्था को एक न्याय संगत अर्थ व्यस्था के रूप मे स्थापित करना चाहते थे, जिसमें समानता हो, गरीबी, महंगाई और बेरोजगारी खत्म हो और लोगो का आर्थिक शोषण न हो।

वक्ताओ ने डॉ अम्बेडकर को समानता और स्वतंत्रता का मसीहा बताया। वह समानता को लेकर काफी प्रतिबद्ध थे। उनका मानना था की समानता का अधिकार धर्म व जाति से उपर होना चाहिए हर आदमी को विकास के समान अवसर उपलब्ध कराना किसी भी समाज की प्रथम और अंतिम नैतिक जिम्मेदारी होनी चाहिए। डॉ अम्बेडकर मानते थे की मनुष्य के विकास के लिये स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व बहुत आवश्यक है।
समारोह के अंत में प्रतिभागियों के मनोरंजन के लिए सिमरन क्रांति और उनकी टीम द्वारा सुंदर नाट्य प्रस्तुति भी की गई।

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