उत्तराखण्ड के लोक पर्व घी संक्रांति के जरिये रीति रिवाजों व  संस्कारो से आएगी खुशियों की बहार

चंद्र शेखर जोशी

देहरादून।  उत्तराखंड राज्य अपनी संस्कृति और परंपरा के लिए जाना जाता है। ऐसे ही पारंपरिक त्योहारों में घी संक्रांति प्रसिद्ध है। इसे घू संक्रांति, घू त्यार, घियू संक्रांति और ओलगिया भी कहा जाता है। घी संक्रांति के दिन घी खाने का विशेष महत्व है।

घी संक्रांति का त्यौहार भादो माह की प्रथम तिथि को मनाया जाता है।
◉ लोग कटोरी में घी भरकर सबसे पहले उसे मन्दिर में भगवानों को अर्पित करते हैं फिर घी खाना शुभ माना जाता है। फिर अलग-अलग पकवान बनाकर उसका भोग लगाते हैं।
◉ घी संक्रांति का त्यौहार उत्तराखंड राज्य में बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है

भाद्रपद (भादो) माह की सिंह संक्रांति को उत्तराखंड में घी संक्रांति या ओल्गी संक्रांति कहते हैं।
घी संक्रांति या घिया संक्रांद या घी-त्यार भी कहते हैं।
गढ़वाल में घिया संक्रांद और कुमांऊ में घी-त्यार कहते हैं।

 

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