यात्रियों से 50 की जगह 500 वसूलने वाले होटल मालिको की अब खैर नही

पर्यटन मंत्री का फरमान…… दोषियों का होगा बुरा अंजाम

देहरादून । देख तेरे संसार की हालत क्या हो गयी भगवान कितना बदल गया इंसान।
महान कवि प्रदीप का ये गीत जिसे 65 साल पहले फ़िल्म नास्तिक के लिए लिखा गया था। क्या पता था अपने दौर का ये गीत आज के मौजूदा हालात को यू दर्शाएगा। जिस तरह से चारधाम यात्रा पर प्रकृति का मिज़ाज बिगड़ा है, उससे थोड़ी दिक्कत भी बढ़ गयी है। परन्तु भगवान के द्वार पर आने वाले लोगों की मजबूरी का किस तरह से फायदा उठाया जा सकता है शायद वहां के दुकानदारों व होटल व्यवसायी बेहतर तरीके से समझते है तभी तो मौके का फायदा उठाते हुए 50 रुपए खाने की थाली 500 रुपये में बेची जा रही है। जब इस बात की भनक पर्यटन, सिचाईं एवं धर्मस्व मंत्री सतपाल महाराज को लगी तो उन्होंने अपने अधीनस्थ सभी विभागों के अधिकारियों को ये फरमान भेज दिया की उक्त प्रकरण की निष्पक्ष जांच की जाए।
उन्होने केदारनाथ में फंसे यात्रियों से वहां स्थित होटलों व रेस्टोरेन्ट वालों द्वारा खाने के लिए अधिक धनराशि वसूलने पर जिलाधिकारी रूद्रप्रयाग को उनके विरूद्ध कार्यवाही के भी सख्त निर्देश दे दिए ।

प्रदेश के पर्यटन, सिंचाई, लोक निर्माण, धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री श्री सतपाल महाराज ने कहा उनके संज्ञान में आया है कि भारी बारिश के चलते सड़कों के बंद होने के कारण केदारनाथ में फंसे यात्रियों से वहां स्थित होटल एवं रेस्टोरेंट संचालक यात्रियों से 50 रूपये की खाने की थाली के बदले उनसे 500 की राशि वसूल रहे हैं।

श्री महाराज ने कहा कि इस तरह की लूट कतई बर्दाश्त नहीं होगी। उन्होंने जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग श्री मनुज गोयल से दूरभाष पर बात कर ऐसे लोगों को चिन्हित कर उनके विरुद्ध तत्काल कार्यवाही करते हुए चालान कटाने और केस दर्ज करने को कहा है। श्री महाराज ने कहा कि यात्रियों को घबराने की आवश्यकता नहीं है। शाम तक सभी बाधित मार्गों को खोल दिया जाएगा।

कैबिनेट मंत्री श्री सतपाल महाराज ने कहा कि प्रशासन ने चारधाम यात्रा रूट पर सभी धर्मशालाओं को खुलवाने के साथ साथ यात्रियों के लिए भंडारे की व्यवस्था भी कर दी है। श्री महाराज ने आपदा प्रबंधन सचिव श्री एस. ए. मुरुगेशन से बातचीत कर सुंदरखाल, रामनगर में फंसे लोगों को तत्काल रेस्क्यू करने के भी आदेश दिए हैं।

उन्होंने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए एहतियाती कदम उठाने के साथ-साथ पूरी तरह से मुस्तैद रहने को भी कहा है।

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