DPDP Act से सूचना के अधिकार की प्रभावशीलता पर उठे सवाल ! छह शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थियों ने रखे तर्कपूर्ण विचार

 

 

 

देहरादून। क्या डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम (DPDP Act) निजता की रक्षा करते हुए सूचना के अधिकार की प्रभावशीलता को सीमित करता है? इसी महत्वपूर्ण सवाल पर आरटीआई क्लब उत्तराखंड की अंतर-महाविद्यालयीय वाद-विवाद प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने गंभीर और तर्कपूर्ण विचार रखे। प्रतियोगिता का विषय था— “DPDP Act के अधिनियमन ने सूचना का अधिकार अधिनियम की प्रभावशीलता को कमजोर किया है।” देहरादून के छह विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों के विद्यार्थियों ने इसमें प्रतिभाग करते हुए निजता, पारदर्शिता और सरकारी जवाबदेही के बीच संतुलन की आवश्यकता पर चर्चा की। प्रतियोगिता में उत्तरांचल विश्वविद्यालय की आर्य सिंह ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि इसी विश्वविद्यालय की आयुषी चौधरी द्वितीय स्थान पर रहीं।

कार्यक्रम में पूर्व सूचना आयुक्त श्री योगेश भट्ट मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित हुए। आरटीआई क्लब उत्तराखंड के संरक्षक डॉ. एस. फारूक, अध्यक्ष डॉ. बी. पी. मैथाणी, सचिव श्री यज्ञभूषण शर्मा, महासचिव श्री अमर सिंह धूमता तथा उपाध्यक्ष कुमारी रीता सूरी सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में पूर्व सूचना आयुक्त श्री योगेश भट्ट, श्री अमर सिंह धून्ता, डॉ. बी. पी. मैथाणी एवं श्री यज्ञभूषण शर्मा शामिल रहे। निर्णायकों ने प्रतिभागियों के तर्कों, विषय की समझ, प्रस्तुति और विचारों की स्पष्टता के आधार पर प्रतियोगिता के परिणाम निर्धारित किए।

प्रतियोगिता में यूनिवर्सिटी ऑफ पेट्रोलियम एंड एनर्जी स्टडीज (UPES), उत्तरांचल विश्वविद्यालय, आईएमएस यूनिसन विश्वविद्यालय, जिज्ञासा विश्वविद्यालय, डीएवी पीजी कॉलेज तथा लिब्रा कॉलेज ऑफ लॉ, देहरादून के विद्यार्थियों ने सहभागिता की। प्रतिभागियों ने डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम, 2023 और सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के विभिन्न पहलुओं पर अपने विचार एवं तर्क प्रस्तुत किए। चर्चा में निजता के अधिकार, जनहित की सूचनाओं तक नागरिकों की पहुंच, सरकारी कामकाज में पारदर्शिता और लोक प्राधिकारियों की जवाबदेही जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे प्रमुखता से उठे।

प्रतियोगिता के परिणामों में उत्तरांचल विश्वविद्यालय की आर्य सिंह ने प्रथम तथा इसी विश्वविद्यालय की आयुषी चौधरी ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। कशिश पुष्कर और लक्ष्मी रतूड़ी संयुक्त रूप से तृतीय स्थान पर रहीं। वहीं, जिज्ञासा विश्वविद्यालय की अवंतिका प्रजापति तथा डीएवी पीजी कॉलेज की समीक्षा गुप्ता ने चतुर्थ स्थान प्राप्त किया।

मुख्य अतिथि एवं पूर्व सूचना आयुक्त श्री योगेश भट्ट ने अपने संबोधन में सूचना के अधिकार को नागरिकों के लिए शासन-प्रशासन से सवाल पूछने और जनहित से जुड़ी जानकारी प्राप्त करने का महत्वपूर्ण माध्यम बताया। उन्होंने पारदर्शिता, जन-जागरूकता और सार्वजनिक जवाबदेही के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में नागरिकों को सरकारी कामकाज के प्रति जागरूक होना चाहिए। साथ ही, निजता के संरक्षण और सार्वजनिक हित में सूचना की उपलब्धता के बीच उचित संतुलन बनाए रखना आवश्यक है।

आरटीआई क्लब उत्तराखंड के अध्यक्ष डॉ. बी. पी. मैथाणी ने अपने संबोधन में कहा कि निजता का संरक्षण और पारदर्शिता, दोनों ही लोकतांत्रिक व्यवस्था के महत्वपूर्ण आधार हैं। इनके बीच संतुलन बनाए रखना आवश्यक है, ताकि नागरिकों के व्यक्तिगत डेटा की सुरक्षा के साथ-साथ जनहित से जुड़ी सूचनाओं तक उनकी पहुंच भी सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कहा कि सूचना के अधिकार की प्रभावशीलता केवल कानूनी प्रावधानों पर निर्भर नहीं करती, बल्कि सूचना आयोगों में रिक्त पदों, लंबित अपीलों और प्रशासनिक जवाबदेही जैसी चुनौतियों का समाधान करना भी जरूरी है। उन्होंने पारदर्शी एवं जवाबदेह शासन व्यवस्था को मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया।

विजेताओं का उत्साहवर्धन करते हुए क्लब के संरक्षक डॉ. एस. फारूक ने उन्हें प्रोत्साहन स्वरूप उपहार प्रदान किए। आरटीआई क्लब उत्तराखंड की ओर से विजेताओं को प्रशस्ति-पत्र एवं स्मृति-चिह्न (मोमेंटो) आगामी कार्यक्रम में प्रदान किए जाएंगे।

कार्यक्रम का संचालन श्री अजय नारायण शर्मा ने किया। समापन अवसर पर श्री अजय नारायण शर्मा ने कविता पाठ प्रस्तुत किया। इस अवसर पर संगठन सचिव सुरेन्द्र सिंह थापा, भूपेन्द्र कुमार तथा सहसपुर से श्री भट्ट एवं हरिद्वार से अजीत सिंह चौहान सपरिवार उनकी सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के अंत में क्लब की उपाध्यक्ष सुश्री रीता सूरी ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत करते हुए अतिथियों, निर्णायकों, प्रतिभागियों एवं आयोजन में सहयोग देने वाले सभी सदस्यों का आभार व्यक्त किया।
उपाध्यक्ष एवं ट्रस्टी एवं मीडिया प्रभारी कुमारी रीता सूरी एव
अजय नारायण शर्मा
संगठन सचिव

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