गैरसैंण को तीसरी कमिश्नरी घोषित किये जाने की सरहाना

पंडित दीनदयाल उपाध्याय की संकल्पना को साकार करने वाला बजट: महाराज

गैरसैंण। ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण (भराड़ीसैंण) की घोषणा के एक वर्ष पूर्ण होने पर भराड़ीसैंण विधानसभा परिसर में सांस्कृतिक संध्या व दीपोत्सव के अवसर पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए पर्यटन, सिंचाई एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने सदन में पेश बजट पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि यह प्रदेश के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति को ध्यान में रखते हुए बनाया गया राज्य के समग्र विकास का बजट है।
प्रदेश के पर्यटन, सिंचाई एवं संस्कृति मंत्री श्री सतपाल महाराज ने कहा कि आज भराड़ीसैंण विधानसभा भवन में दीपोत्सव मनाया गया। आज ही के दिन यहां ग्रीष्मकालीन राजधानी की घोषणा हुई थी। उसी के उपलक्ष्य में दीपोत्सव का मनाते हुए कुंभ पर आधारित मंगल गीत गाए गए। श्री महाराज ने कहा कि आज ही के दिन विक्टोरिया क्रॉस दरबान सिंह जी का भी जन्म हुआ था। उनका जन्मोत्सव मनाने के साथ साथ आज सरकार ने गैरसैंण को तीसरी कमिश्नरी घोषित कर बड़ा ऐतिहासिक काम किया है। प्रदेश की जनता को बधाई देते हुए काबीना मंत्री श्री सतपाल महाराज ने कहा कि यह प्रदेश वासियों के लिए खुशी की बात है कि प्रदेश सरकार ने एक और जहां कोविड की चुनौतियों से लड़ते हुए लोकलुभावन बजट पेश कर प्रदेशवासियों को राहत पहुंचाने के साथ साथ सिंचाई योजनाओं के लिए बजट में 1155 करोड़ का प्रावधान किया गया है जबकि प्रदेश में पर्यटन को साकार करने के लिए 236 करोड़ की व्यवस्था की गई है।
श्री महाराज ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने सभी के हितों को ध्यान में रखते हुए पंडित दीनदयाल उपाध्याय की संकल्पना को साकार करने के साथ-साथ अंतिम पायदान पर सुदूरवर्ती क्षेत्र में बैठे व्यक्ति तक विकास की किरण पहुंचाने के के दृष्टिगत एक सकारात्मक बजट प्रदेश को दिया है।