बेज़ुबान पशुओं की दयनीय हालत को देख महिलाओं का टूटा सब्र का बांध ! फिर जो हुआ वो सबने देखा……

अल्मोड़ा । स्याल्दे में स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे मुद्दों पर जनांदोलन तेज़ हो गया है वही गोवंश संरक्षण में लापरवाही के चलते महिलाओं का धैर्य टूट गया और वे सड़कों पर उतर आईं। महिलाओं ने गाय-बैलों को तहसील पहुंचाया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। एसडीएम की गैरमौजूदगी में महिलाएं धरने पर बैठ गईं। आंदोलनकारियों ने मांगों के पूरा होने तक आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया।
स्याल्दे क्षेत्र में गोवंश को बेसहारा छोड़ने से आमजन त्रस्त हैं। निरीह गोवंश के संरक्षण और बेकद्री करने वालों पर कार्रवाई को कई बार मुद्दा उठाने के बावजूद शासन प्रशासन ने कारगर कदम न उठाए गए तो गुरुवार को महिलाओं के सब्र का बांध टूट पड़ा। तिमली, पैठाना, कैहड़गांव, जसपुर, भाकुड़ा, तामाढौन व खटलगांव के साथ ही स्याल्दे बाजार कही महिलाओं को जहां कहीं भी निरीह गोवंश घूमता मिला, उन्हें हांकती गई। जुलूस निकाल गाय बैलों को लेकर तहसील मुख्यालय जा धमकी। प्रदर्शन कर धरना दिया।

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