शरदोत्सव में लोक संस्कृति, कथक और संगीत की धूम

मालरोड से लंढौर तक लोक संस्कृति के रंग, शरदोत्सव में कलाकारों ने बांधा समां

मसूरी । शरदोत्सव 2026 के तहत मसूरी के मालरोड स्थित गढ़वाल टैरेस, गांधी चैक, लंढौर चैक और टाउन हॉल में सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम रही। स्थानीय कलाकारों ने लोकनृत्य, कथक, संगीत और गायन की प्रस्तुतियों से दर्शकों का मन मोह लिया। वहीं, विभिन्न स्थानों पर आयोजित फन गेम्स में स्थानीय लोगों और पर्यटकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
गढ़वाल टैरेस पर शारदा ध्यानी एवं उनके समूह ने कथक और गढ़वाली नृत्य की मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। इस दौरान 12 वर्षीय तबला वादक निकुंज ध्यानी ने अपनी प्रस्तुति से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। राष्ट्रपति पुरस्कार सहित 20 पुरस्कारों से सम्मानित निकुंज देश के विभिन्न शहरों में अपनी कला का प्रदर्शन कर चुके हैं।
निकुंज ने बताया कि वह ढाई वर्ष की उम्र से तबला बजा रहे हैं। उनके परिवार में संगीत का विशेष माहौल है। उनके पिता बांसुरी वादक और माता शारदा ध्यानी कथक नृत्यांगना हैं। उन्होंने प्रसिद्ध तबला वादक उस्ताद जाकिर हुसैन को अपना प्रेरणास्रोत बताते हुए उनके पदचिह्नों पर चलने की इच्छा जताई।
शारदा ध्यानी ने बताया कि वह नीतिकुंज नाम से एक अकादमी संचालित करती हैं, जहां बच्चों को कथक नृत्य का प्रशिक्षण दिया जाता है। उन्होंने अपने गुरु डॉ. मधुकर आनंद से प्राप्त प्रशिक्षण और कथक में गोल्ड मेडल हासिल करने के अनुभव भी साझा किए।
कार्यक्रम के दौरान नीरज सिंह के संयोजन में कैरिबियन म्यूजिकल ग्रुप ने प्रस्तुति दी। लोक गायिका कुसुम नेगी और लोक गायक लोकेंद्र कैतुरा ने भी अपने गीतों से दर्शकों का मनोरंजन किया।
लंढौर चैक पर विनीता रावत एवं उनके समूह तथा संजय तोमर एवं उनके समूह ने लोकनृत्य प्रस्तुत किए। गांधी चैक पर जय बद्री विशाल स्वयं सहायता समूह, पूनम शर्मा के चुलबुली समूह और श्यामली भट्ट की टीम ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से समां बांधा। कार्यक्रमों के साथ आयोजित फन गेम्स में भी लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। टाउन हॉल में स्थानीय कलाकारों की प्रस्तुतियों के बाद प्रदीप भंडारी के नेतृत्व में श्री घंटाकर्ण देवता की देवयात्रा पर आधारित कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया। इसमें उत्तराखंड के प्रमुख लोकदेवता घंटाकर्ण के प्रति श्रद्धालुओं की आस्था और विश्वास को दर्शाया गया।
इसके बाद लोक गायिका रेशमा शाह ने गढ़वाली, जौनसारी और जौनपुरी गीतों की प्रस्तुति देकर दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। कार्यक्रम के अंतिम चरण में बॉलीवुड कव्वाल फरहान साबिर ने कव्वाली प्रस्तुत कर श्रोताओं का भरपूर मनोरंजन किया।
इस अवसर पर पालिकाध्यक्ष मीरा सकलानी, अधिशासी अधिकारी गौरव भसीन, पालिका सभासद और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक एवं पर्यटक मौजूद रहे। शरदोत्सव के इन कार्यक्रमों ने मसूरी की सांस्कृतिक विरासत और लोककलाओं को मंच प्रदान किया।