सेवानिवृत्त राज्य कर्मचारियों, शिक्षकों और अन्य सरकारी कर्मचारियों के वेतन संशोधन पर तत्काल कार्रवाई की मांग

देहरादून। भाजपा के वरिष्ठ नेता विवेकानंद खंडूरी ने उत्तराखंड में सेवानिवृत्त राज्य कर्मचारियों, शिक्षकों और अन्य सरकारी कर्मचारियों के वेतन संशोधन पर तत्काल कार्रवाई की मांग करते हुए एक बयान जारी किया है। अपने बयान में खंडूरी ने याद दिलाया कि 15 अगस्त को मुख्यमंत्री से हुई बैठक में उन्होंने 1 जनवरी 2006 से प्रभावी राष्ट्रीय वेतन वृद्धि के कार्यान्वयन में अनियमितताओं को उजागर करते हुए एक अनुरोध पत्र प्रस्तुत किया था। उन्होंने अब बिना देरी किए संशोधित सरकारी आदेश जारी करने की अपील की है।

खंडूरी ने बताया कि छठे वेतन आयोग द्वारा जनवरी 2006 से वेतन वृद्धि की नई प्रणाली लागू किए जाने के बावजूद, उत्तराखंड में सेवानिवृत्त कर्मचारियों को उनकी सेवानिवृत्ति के अगले दिन से राष्ट्रीय वेतन वृद्धि नहीं मिली है, जबकि उत्तर प्रदेश में 12 जून 2024 के सरकारी आदेश में इस मुद्दे को पहले ही संबोधित किया जा चुका है। उन्होंने यह भी बताया कि उत्तराखंड मंत्रिमंडल ने दिसंबर 2024 की बैठक में वेतन वृद्धि के लिए कोई अंतिम तिथि भी निर्धारित नहीं की थी।

खंडूरी ने 20 फरवरी 2025 के सर्वोच्च न्यायालय के अंतिम आदेश और भारत सरकार के कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग के 20 मई 2025 के कार्यालय ज्ञापन का हवाला देते हुए इस बात पर जोर दिया कि राष्ट्रीय वेतन वृद्धि निर्देश में कोई कट-ऑफ तिथि निर्धारित नहीं की गई है। उन्होंने राज्य सरकारों से अपने आदेशों को तदनुसार बनाने और यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया कि सेवानिवृत्त कर्मचारियों को उनके उचित लाभ प्राप्त हों।

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