छात्रसंघ चुनाव ना कराने का फैसला ! युवाओं के अधिकार और उनकी आवाज दबाने का प्रयास : आर्य

देहरादून। छात्र संघ चुनाव न कराये जाने को लेकर जहां समूचे छात्र संगठनों और छात्रों में भारी नाराजगी और आक्रोश देखा जा रहा है वहीं राजनीतिक दलों के नेताओं ने इस मुद्दे को लेकर सरकार पर सवाल खड़े करने शुरू कर दिए हैं। नेता विपक्ष यशपाल आर्य ने सरकार पर लोकतंत्र का गला घोटने के प्रयास करने का आरोप लगाया है।
छात्र संघ चुनाव पर हाई कोर्ट में दायर याचिका के बाद छात्र संघ चुनाव न कराने के फैसले के बाद छात्रों में इस कदर आक्रोश है कि वह इसके खिलाफ पूरे राज्य में आंदोलन पर आमादा हो चुके हैं। कहीं कॉलेज प्रशासन से उनकी भिड़ंत हो रही है तो कहीं तालाबंदी और धरने प्रदर्शन जारी हैं छात्रों में इस कदर गुस्सा देखा जा रहा है कि वह आत्मदाह का प्रयास तक कर चुके हैं। शिक्षा मंत्री धन सिंह के जगह – जगह पुतले फूंके जा रहे हैं तो कहीं सड़कों को जाम कर धरना प्रदर्शन किया जा रहा है। राजधानी दून के सभी कॉलेजों में इस मुद्दे को लेकर छात्रों का आंदोलन जारी है। दून में आज एसजीआरआर पीजी कॉलेज के छात्रों द्वारा पथरी बाग चौक पर सरकार के खिलाफ धरना प्रदर्शन किया गया। छात्रों का आरोप है कि छात्रों के आंदोलन को दबाने के लिए त्योहार से दो दिन पहले ही छुटृी घोषित कर दी गई है।
नेता विपक्ष यशपाल आर्य का कहना है कि सरकार छात्रसंघ चुनाव से कन्नी काट रही है उनका कहना है कि चुनाव लोकतंत्र का मूल है और सरकार लोकतंत्र का गला घोटने पर आमादा है। छात्र संघ चुनाव न करा कर सत्ता में बैठे लोग युवाओं की लड़ाई को कमजोर करने का काम कर रहे हैं। यह युवाओं के अधिकार और उनकी आवाज दबाने का प्रयास है। लोकतंत्र में इसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है।

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