नगर निगम क्षेत्र की 92 सड़कों को गड्ढामुक्त करने हेतु 46 अधिकारियों की तैनाती, दो दिन में देनी होगी निरीक्षण रिपोर्ट

डीएम के निर्देश पर आशारोड़ी टनल से मोहब्बेवाला तक सड़क सुरक्षा मजबूत, 58 साइन बोर्ड समेत 3,000 मीटर से अधिक सुरक्षा उपाय

 

सड़क सुरक्षा को लेकर डीएम ने सभी, दुर्घटना संभावित संवेदनशील क्षेत्रों में जागरूकता साइनेज, एवं अन्य सुरक्षा उपाय स्थापित करने के लिए निर्देश

खराब स्ट्रीट एवं ट्रैफिक लाइट तत्काल दुरुस्त करने के निर्देश, मसूरी में रेस ड्राइविंग पर प्रभावी कार्रवाई के निर्देश

 

देहरादून। जिलाधिकारी डॉ0 आशीष चौहान की अध्यक्षता में ऋषिपर्णा सभागार, कलेक्ट्रेट में सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनपद में सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम, दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था, सड़क सुरक्षा साइनेज, खराब स्ट्रीट एवं ट्रैफिक लाइटों की मरम्मत, मसूरी क्षेत्र में रेस ड्राइविंग पर प्रभावी कार्रवाई तथा मानसून के दौरान क्षतिग्रस्त सड़कों एवं गड्ढों की मरम्मत सहित विभिन्न महत्वपूर्ण बिंदुओं की विस्तृत समीक्षा की गई।
दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में लगेंगे स्पष्ट एवं प्रभावी जागरूकता साइनेज

जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनपद में दुर्घटना संभावित क्षेत्रों को चिन्हित करते हुए वहां पर्याप्त संख्या में स्पष्ट एवं प्रभावी जागरूकता साइनेज लगाए जाएं, ताकि वाहन चालकों को संभावित खतरों के प्रति समय रहते सचेत किया जा सके। उन्होंने विशेष रूप से आशारोड़ी टनल के आसपास के क्षेत्र सहित अन्य दुर्घटना संभावित स्थानों पर सड़क सुरक्षा से संबंधित आवश्यक उपाय प्राथमिकता से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
सड़क सुरक्षा के दृष्टिगत आशारोड़ी क्षेत्र में आवश्यक सुरक्षा उपाय किए गए हैं। यहां 58 साइन बोर्ड, 485 मीटर रंबल स्ट्रिप्स, 1880 मीटर मीडियन मार्कर तथा 500 मीटर सोलर स्टड्स स्थापित किए जा चुके हैं।

जिलाधिकारी ने नगर क्षेत्र में खराब पड़ी स्ट्रीट लाइट एवं ट्रैफिक लाइटों का संज्ञान लेते हुए स्मार्ट सिटी के माध्यम से तत्काल मेंटिनेंस कराकर उन्हें ऑपरेशनल करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा में पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था की महत्वपूर्ण भूमिका है। ऐसे में खराब लाइटों की मरम्मत एवं रखरखाव में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।

मसूरी में रेस ड्राइविंग पर प्रभावी कार्रवाई के निर्देश

जिलाधिकारी ने मसूरी क्षेत्र में रेस ड्राइविंग की घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के विरुद्ध नियमानुसार प्रभावी प्रवर्तन कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही संवेदनशील एवं अधिक यातायात वाले मार्गों पर आवश्यक निगरानी एवं प्रवर्तन व्यवस्था को मजबूत किया जाए।

निर्माण कार्यों एवं मानसून अवधि में नगर निगम देहरादून क्षेत्रांतर्गत विभिन्न प्रमुख मार्गों के क्षतिग्रस्त होने तथा सड़कों को गड्ढामुक्त किए जाने हेतु जिलाधिकारी ने 46 जिला स्तरीय अधिकारियों की तैनाती की है।

नामित अधिकारी अपने-अपने आवंटित मार्गों का स्थलीय निरीक्षण करते हुए सड़क पर मौजूद गड्ढों, क्षतिग्रस्त हिस्सों तथा आवश्यक मरम्मत एवं सुधारात्मक कार्यों को चिन्हित करेंगे।निरीक्षण के दौरान अधिकारियों द्वारा संबंधित मार्ग की स्थिति की फोटो सहित विस्तृत सूचना एवं आख्या तैयार की जाएगी। यह रिपोर्ट संबंधित सड़क विभाग एवं कार्यदायी संस्था को आवश्यक मरम्मत एवं सुधारात्मक कार्रवाई हेतु उपलब्ध कराई जाएगी। जिलाधिकारी ने सभी नामित अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने आवंटित मार्गों का *स्थलीय निरीक्षण निर्धारित अवधि में पूर्ण करते हुए 02 दिवस के भीतर रिपोर्ट जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, देहरादून को अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें।* जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सड़क की स्थिति, चिन्हित गड्ढों एवं क्षतिग्रस्त हिस्सों की जानकारी फोटो सहित स्पष्ट रूप से उपलब्ध कराई जाए, ताकि संबंधित विभाग द्वारा आवश्यक कार्रवाई समयबद्ध रूप से सुनिश्चित की जा सके।
जिलाधिकारी ने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल यातायात नियमों के अनुपालन तक सीमित नहीं है, बल्कि सुरक्षित सड़क संरचना, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, स्पष्ट साइनेज, प्रभावी निगरानी एवं समयबद्ध मरम्मत भी इसका महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय से सड़क सुरक्षा के लिए आवश्यक कार्यवाही प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में अपर जिलाधिकारी प्रशासन स्मृता परमार, उप जिलाधिकारी मुख्यालय रविन्द्र ज्वांठा, पुलिस मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ0 मनोज कुमार शर्मा, क्षेत्राधिकारी यातायात, अधीक्षण अभियंता लोनिवि ओमपाल सिंह, संभागीय परिवहन अधिकारी अनिता चमोला, अधिशासी अभियंता लोनिवि दीपक यादव एवं भृगु द्विवेदी, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी ऋषभ कुमार सहित एनएच, एनएचएआई एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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