आओ, दोस्ती करें किताबों से’ विचार के साथ देहरादून में होगा 16वां ‘किताब कौतिक’ पुस्तक मेला
23 से 25 अक्टूबर तक दून पुस्तकालय एवं शोध केंद्र में सजेगा देहरादून ‘किताब कौतिक’
देहरादून । पहाड़ों की संस्कृति, साहित्य और युवाओं में पढ़ने-लिखने की आदत को प्रोत्साहित करने वाली संस्था क्रिएटिव उत्तराखंड द्वारा आगामी 23, 24 और 25 अक्टूबर को दून पुस्तकालय एवं शोध केंद्र में देहरादून किताब कौतिक (पुस्तक मेला) का आयोजन किया जा रहा है। शनिवार को आयोजन के सुचारू, सुव्यवस्थित और भव्य रूप देने के लिए दून पुस्तकालय के ऐंफी थिएटर में शाम 4 बजे विशेष परिचर्चा बैठक हुई, जिसमें आयोजन समिति (कमेटी) का गठन किया गया। ‘आओ, दोस्ती करें किताबों से’ का संदेश अभियान के संयोजक हेम पंत ने जानकारी दी कि क्रिएटिव उत्तराखंडष् संस्था द्वारा अब तक उत्तराखंड के विभिन्न कस्बों एवं शहरों (जैसे टनकपुर, बैजनाथ, चंपावत, पिथौरागढ़, द्वाराहाट, भीमताल, नानकमत्ता, रानीखेत, नई टिहरी, पंतनगर, गैरसैण और डीडीहाट आदि) में 15 सफल ‘किताब कौतिक’ आयोजित किए जा चुके हैं। इस 16वें पड़ाव के तहत ष्देहरादून किताब कौतिकष् का आयोजन दून पुस्तकालय एवं शोध केंद्र के हॉल, ओपन थियेटर तथा गलियारे में किया जाएगा।
श्री पंत ने कहा कि किताब कौतिक का मकसद देहरादून में 80,000 पुस्तकें लाना नहीं है, बल्कि हमारे युवाओं के मन में जिज्ञासा, रचनात्मकता और पढ़ने की आदत का बीज बोना है। इस कार्यक्रम के दौरान साहित्यिक परिचर्चा, प्रसिद्ध लेखकों से सीधी बात, बच्चों के लिए विज्ञान कोना, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, नेचर वॉक, साहसिक खेल, आमंत्रित कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक संध्या, हस्त-शिल्प स्टॉल्स सहित कई रोचक कार्यक्रम होंगे। इसके अतिरिक्त पपेट निर्माण, भाषा-संस्कृति और वॉल पेंटिंग कार्यशालाएं भी होंगी और स्कूली बच्चों के सांस्कृतिक कार्यक्रम तथा प्रतियोगिताएं भी करवाई जाएंगी। किताब कौतिक में हिस्सा लेने के लिए देशभर से साहित्यकार, सामाजिक कार्यकर्ता और रंगकर्मी देहरादून पहुंचेंगे।
आयोजन से एक सप्ताह पहले से देहरादून के विभिन्न स्कूलों के बच्चे ष्पांच दिवसीय बालप्रहरी बाल लेखन कार्यशालाष् में भाग लेकर खुद हस्तलिखित पुस्तकें तैयार करेंगे। इस स्वनिर्मित पुस्तकों का स्टॉल भी बच्चों द्वारा किताब कौतिक में लगाया जाएगा। देशभर से आ रहे विषय विशेषज्ञों के साथ स्कूली बच्चों और आम जनता के लिए करियर काउन्सिलिंग, काव्य गोष्ठी, सांस्कृतिक संध्या सत्र भी होंगे। इस विशेष परिचर्चा बैठक में हेम पंत, दयाल पांडे, भारती पांडे, प्रवीन कुमार भट्ट, रमाकांत बेंजवाल, बीना बेंजवाल, हेमा तिवारी, देवेश जोशी, प्रेम पंचोली, मनोज पांडे, दीप्ति भट्ट, प्रोफेसर शशि सहित विभिन्न साहित्यकार, शिक्षक, शोधार्थी, रंगकर्मी, सामाजिक कार्यकर्ता एवं पत्रकार मौजूद रहे।
