आस्था का प्रतीक बनी घंटाघर स्थित मजार को तोड़े जाने पर क्षेत्रीय जनता में रोष…….

देहरादून। रात्रि में लगातार हो रही बारिश का फायदा उठाकर चकराता रोड स्थित आस्था का प्रतीक बनी (दरगाह)  मजार को कुछ असामाजिक तत्वों ने अपने निजी फायदे के लिए तोड़ डाला। यही नहीं मजार में रखी करीब 8000 की धनराशि जो श्रद्धालुओं द्वारा दान में चढ़ाई गयी थी उसे भी लुटेरे चुरा लें गए।

देहरादून में हो रही इस प्रकार कि घटनाएं न सिर्फ धार्मिक भावना को ठेस पहुंचा रही है बल्कि पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी एक प्रश्न चिन्ह लगा रही हैं। कोतवाली क्षेत्र में ये घटना पहली बार नहीं घटी हैं बल्कि कुछ दिन पूर्व घोसी गली में भी एक मजार तोड़े जाने की घटना सामने आ चुकी हैं परंतु पुलिस द्वारा उक्त घटना पर भी कोई कार्यवाही नहीं हो पाई जिससे राजधानी के लोगों में असंतोष व्याप्त हैं।

पुलिस में मामला दर्ज कराते हुए  मजार वाली गली, चकराता रोड निवासी ओम प्रकाश ने बताया कि मजार के समिति 50 मीटर की दूरी पर मेरा आवास है। विगत रात्रि 12:30 बजे  संदिग्ध लोगो द्वारा मेरी सम्पति में घुस कर 5-6 लोगो ने मेरी सम्पत्ति में घुसकर ऐतिहासिक जलाल शाह बाबा की दरगाह  का दरवाजा तोड दिया और मजार को पूर्ण रुप से क्षतिग्रस्त  कर दिया गया। पुलिस प्रशासन द्वारा अभी तक इस घटना पर किसी नतीजे पर नहीं पहुंच पाई जिसको लेकर क्षेत्रीय जनता में जबरदस्त आक्रोश है। क्षेत्रीय जनता का कहना है कि यदि इस प्रकार की घटनाएं लगातार होती रही तो मजबूरन उन्हें पुलिस प्रशासन के खिलाफ सड़कों पर आंदोलन करने के लिए विवश होना पड़ेगा।