मेडिकल एजुकेशन में उत्कृष्ट योगदान हेतु नितिका कौशल को  ‘भारत श्री राष्ट्रीय रत्न पुरस्कार से नावाजा 

देहरादून । उत्तराखंड के लिए गर्व और प्रेरणा का क्षण तब बना जब Ras Bihari Bose Subharti University से संबद्ध प्रोफेसर एवं डीन स्टूडेंट वेलफेयर प्रो. नितिका कौशल को राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित ‘भारत श्री राष्ट्रीय रत्न पुरस्कार – 2026’ से अलंकृत किया गया।

यह भव्य आयोजन 21 फरवरी 2026 को Uttarakhand Jal Vidyut Nigam Limited (UJVN), उज्ज्वल भवन, देहरादून में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
उन्हें भारत रत्न सम्मान के अंतर्गत “Outstanding Contribution in Medical Education” श्रेणी में विशेष सम्मान प्रदान किया गया, जो मेडिकल शिक्षा के क्षेत्र में उनके प्रभावशाली, समर्पित और दूरदर्शी योगदान की राष्ट्रीय स्तर पर स्वीकृति है।
यह सम्मान Institute for Social Reforms and Higher Education Charitable Trust (ISRHE) द्वारा आयोजित एक गरिमामय समारोह में प्रदान किया गया, जिसमें शिक्षा, प्रशासन, सामाजिक सेवा एवं नीति निर्माण से जुड़े अनेक विशिष्ट अतिथियों ने सहभागिता की।
प्रो. कौशल ने अपने नेतृत्व में छात्र कल्याण, शैक्षणिक गुणवत्ता, व्यक्तित्व विकास तथा शोध उन्नयन के क्षेत्र में उल्लेखनीय पहल की हैं। उनके मार्गदर्शन में संचालित कार्यक्रमों ने विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, सामाजिक उत्तरदायित्व और अकादमिक उत्कृष्टता को नई दिशा दी है।
सम्मान ग्रहण करते हुए उन्होंने भावुक स्वर में कहा:
“यह सम्मान मेरे लिए केवल एक उपलब्धि नहीं, बल्कि एक संकल्प है। यह मेरे माता-पिता एवं परिवार के आशीर्वाद, मेरे गुरुओं के विश्वास और मेरे विद्यार्थियों के स्नेह का परिणाम है। मैं शिक्षा को सेवा और संस्कार का माध्यम मानते हुए राष्ट्र निर्माण की दिशा में निरंतर कार्य करती रहूँगी।”
समारोह में सुबोध उनियाल, माननीय वन एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री, उत्तराखंड सरकार, मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। सविता कपूर, माननीय विधायक, उत्तराखंड विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुईं।
इसके अतिरिक्त श्री संदीप सिंघल, श्री अजय कुमार सिंह एवं श्री सुरेश चंद्र बलूनी (यूजेवीएन) भी विशिष्ट अतिथि के रूप में समारोह में सम्मिलित हुए।
कार्यक्रम का आयोजन श्री नरेंद्र सिंह, श्री एन. के. यादव, एर. एच. के. उप्रेती, डॉ. प्रशांत अग्रवाल, डॉ. अतुल शर्मा (अध्यक्ष, ISRHE) एवं डॉ. रेशु गुप्ता (सचिव, ISRHE) के नेतृत्व में संपन्न हुआ।
कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती वंदना से हुआ तथा राष्ट्रगान के साथ समापन हुआ। समारोह में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले अन्य विशिष्ट व्यक्तित्वों को भी सम्मानित किया गया।

 

You may have missed