निकायों के साथ अन्य विभागों के सफाई कर्मचारी के नियमितीकरण की शीघ्र हो कार्यवाही : मकवाना

देहरादून । वीर चंद सिंह गढ़वाली विश्वकर्मा सभागार में सफाई कर्मचारी आयोग के उपाध्यक्ष राज्य मंत्री भगवत प्रसाद मकवाना द्वारा शहरी विकास विभाग, समाज कल्याण विभाग, पेयजल और श्रम विभाग और नगर निगम के अधिकारियों आदि की समीक्षा बैठक आज सचिवालय मे सफाई कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान हेतु ली गई जिसमें सफाई कर्मचारियों की समस्याओं के शीघ्र समाधान किए जाने हेतु निर्देश दिए गए।

बैठक में मकवाना ने कहा कि सरकार द्वारा नियमितीकरण नियमावली 2025 के शासन आदेश अनुसार निकायों के तथा अन्य विभागों के सफाई कर्मचारी के नियमितीकरण की कार्रवाई शीघ्र कराई जाए, शहरी विकास के अधिकारियों द्वारा अवगत कराया गया कि प्रदेश की स्थानीय निकायों में 7618 स्थाई पद सृजित है, 29 13, स्थाई सफाई कर्मचारी कार्यरत हैं, 1176 सफाई कर्मचारी दैनिक वेतन और संविदा में कार्यरत हैं, मोहल्ला स्वच्छता समिति के अंतर्गत 2196 सफाई कर्मचारी तथा आउटसोर्स में 3789 कुल 10057 सफाई कर्मचारी कार्यरत है। मकवाना ने निकाय वार दी गई सूचना में कई कमी पाई जैसे नगर निगम देहरादून में नई स्वच्छता समिति आदि सफाई कर्मचारियों की सूचना सम्मिलित नहीं की गई मकवाना ने शहरी विकास के अधिकारियों को कहा कि पुनः सभी नगर निगमों, नगर पालिका परिषदों, एवं नगर पंचायतों से सूचनाओं को एकत्र करके आयोग को उपलब्ध कराया जाए तथा सफाई कर्मचारियों की संख्या में बढ़ोतरी हेतु सफाई कर्मचारियों के स्थाई पदों की संख्या नया ढांचा बनाकर बढ़ाई जाए तथा सफाई कर्मियों की स्थाई भर्ती की जाए,, आउटसोर्स सफाई कर्मचारी के वेतन में पीआरडी के भांति तथा समान कार्य समान वेतन के अनुसार सफाई कर्मियों के वेतन में बढ़ोतरी की जाए, सफाई कर्मचारियों को भूमि अथवा आवास सुविधा उपलब्ध कराई जाए तथा सफाई कर्मचारी कल्याण कोष खोला जाए इसके अलावा सफाई कर्मियों के बीमा राशि में भी बढ़ोतरी की जाए तथा महर्षि वाल्मीकि छात्रावास हेतु जमीन उपलब्ध शहरी विकास उपलब्ध कराए तथा समाज कल्याण छात्रावास का निर्माण कराए। शहरी विकास विभाग के उपसचिव एवं जॉइंट डायरेक्टर भरोसा दिलाया की सफाई कर्मियों की समस्याओं का समाधान कराए जाने हेतु शीघ्र कार्रवाई कराई जाएगी,
मकवाना ने मैन्युअल स्कैवेंजर एक्ट 2013 के अंतर्गत सर्वेक्षण प्रशिक्षण और पुनर्वासन के संबंध में समाज कल्याण अधिकारियों तथा शहरी विकास और जिला पंचायत अधिकारियों द्वारा सर्वेक्षण रिपोर्ट शून्य दिए जाने पर कड़ी नाराजगी व्यक्ति की सर्वेक्षण अधिकारियों ने ईमानदारी से नहीं किया है ऑफिस में बैठकर रिपोर्ट शून्य भेज दी प्रदेश के विभिन्न जनपदों का भ्रमण करने और समीक्षा बैठकों में अधिकारियों से जानकारी लिए जाने पर कोई भी अधिकारी इस विषय में उचित जानकारी नहीं दे पाया सचिवालय में भी आज यही स्थिति रही प्रदेश में अनुश्रवण कमेटियों का गठन और सर्वेक्षण समितियो का गठन भी पूरी तरह से नहीं होना तथा इसमें नामित सदस्यों की बैठकर नहीं लिया जाना गंभीर विषय है केंद्र की मोदी सरकार तथा राज्य की धामी सरकार सफाई कर्मचारियों के विकास के लिए प्रतिबद्ध है। उत्तराखंड में मैन्युअल स्कैवेंजर्स के 2013 और 18 के सर्वेक्षण में पाए गए लगभग 6000 मैन्युअल स्कैवेंजर्स में 83 मैन्युअल स्कैवेंजर्स को स्वरोजगार हेतु ऋण दिये जाने से स्पष्ट होता है कि अधिकारी योजनाओं का लाभ इन तक नहीं पहुंचा रहे हैं जबकि केंद्र सरकार ने 10 करोड रुपए इस मद में स्वीकृत किए हैं किंतु प्रशिक्षण और पुनर्वासन की स्थिति ठीक नहीं है अधिकारियों को सफाई कर्मचारियों के हित में कार्य करना होगा अन्यथा ऐसे अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई कराई जाएगी।इन योजनाओं का लाभ सफाई कर्मचारी तक प्राथमिकता के आधार पर कैंप लगाकर किया जाए। बहुउद्देशीय वित्त एवं विकास निगम मैं वर्षों से कार्यरत श्रीमती राधा देवी को पुनः कार्य पर बहाल करने के निर्देश दिए।
भारतीय जनता पार्टी के चुनाव घोषणा पत्र 2022 के अनुसार सफाई कर्मचारियों के एक लाख तक के ऋण माफ करने के बिंदु पर शीघ्र कार्रवाई की जाए अधिकारियों ने समाज कल्याण से संबंधित समस्याओं का शीघ्र समाधान करने का भरोसा दिलाया श्रम विभाग द्वारा भी श्रम कानून की बैठक में जानकारी देते हुए टेंडर करते हो समय ही सफाई कर्मियों के बीमा, ईपीएफ और ईएसआई, अवकाश आदि की शर्तें स्पष्ट की जाए ताकि उनका ठेकेदार द्वारा उत्पीड़न नहीं किया जा सके।
पेयजल विभाग के अधिकारियों को मकवाना ने निर्देशित किया कि सीवर और सेप्टिक टैंक में सफाई करने वाले सफाई कर्मचारी हाई रिस्क में काम करते हैं इसलिए उनके वेतन में बढ़ोतरी की जाए तथा नमस्ते योजना का लाभ उनको दिया जाए तथा रजिस्ट्रेशन की संख्या भी सुनिश्चित करते हुए बीमा राशि भी 30 लाख की जाए जिसके लिए सुप्रीम कोर्ट केंद्र की सरकार और राज्य सरकार भी निर्देशित कर चुकी है उसका पालन किया जाए।
मकवाना में बैठक में शहरी विकास के अधिकारियों को निर्देश दिए कि देहरादून में पंडित दीनदयाल उपाध्याय पार्क का सौंदर्य करण तथा नगर निगम देहरादून द्वारा पारित प्रस्ताव के अनुसार भूमि हस्तांतरण पंडित दीनदयाल उपाध्याय सेवा प्रतिष्ठान को सौंपने हेतु शीघ्र कार्रवाई की जाए।
आयोग के उपाध्यक्ष राज्य मंत्री भगवत प्रसाद मकवाना की समीक्षा बैठक में सचिव प्रशासन वैभव गुप्ता,उप सचिव शहरी विकास प्रदीप कुमार शुक्ला, संयुक्त निदेशक शहरी विकास वैभव गुप्ता,अपर आयुक्त श्रम विभाग अनिल पेटवाल, संयुक्त निदेशक समाज कल्याण जी आर नौटियाल ,उप महाप्रबंधक वित्त विकास निगम गोवर्धन, यूएनए नगर निगम संतोष कुमार पांडेय एवं नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ अविनाश खन्ना के अलावा कई विभागों के अधिकारी एवं सफाई कर्मचारी आयोग के सदस्य एडवोकेट राकेश पार्चा, सर्वेक्षण कमेटी के सदस्य श्री जयपाल वाल्मीकि, प्रदेश मॉनिटरिंग कमेटी के सदस्य श्री राजेश राजोरिया, एडवोकेट सपना वाल्मीकि श्रीमती अनुपमा टॉक श्री मदन वाल्मीकि प्रदेश प्रमुख महामंत्री राष्ट्रीय वाल्मीकि क्रांतिकारी मोर्चा श्री विनोद घाघट प्रदेश उपाध्यक्ष मोर्चा श्री संयम कुमार जिला मॉनिटरिंग कमेटी सदस्य श्री विक्रम टॉक प्रदेश उपाध्यक्ष मोर्चा आदि मौजूद रहे।